“गैर सरकारी संगठन राजस्थान महिला कल्याण मंडल का संकल्प साल भर मे बनाएंगे बाल विवाह मुक्त बीकानेर। ”
बीकानेर जिले में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये गए ।बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के 27 नवंबर को एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर राजस्थान महिला कल्याण मंडल ने , पंचायतों,ग्रामीण समुदायों और अन्य संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम व जगह-जगह बाल विवाह के खिलाफ शपथ समारोह आयोजित किए। राजस्थान महिला कल्याण मंडल संस्थान की देखरेख में गाँव खारा,बिछवाल, जलालसर, सहित कई सावर्जनिक स्थानों पर यह कार्यक्रम हुआ। इसमें ग्रामीणों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 व बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई।संस्थान के जिला समन्वयक अमित कुमार ने बताया कि बाल विवाह को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से नियमित रूप से जिले मे गहन जागरूकता अभियान चला रहे हैं। इस अभियान में स्कूलों, धार्मिक स्थलों, विवाह संबंधी सेवाएं प्रदान करने वाले पेशेवरों और पंचायतों व नगर पालिका वार्डों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।राजस्थान महिला कल्याण मंडल संस्था देश में बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है। इसके 250 से भी अधिक सहयोगी संगठन देश के 451 जिलों में बाल विवाह के खात्मे के लिए जमीन पर काम कर रहे हैं।टीम ने गांव-गांव पहुंचकर महिलाओं, बच्चों, किशोरियों, युवाओं एवं समुदाय के सभी वर्गों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया। देर शाम कैंडल मार्च निकाल कर बाल विवाह रोकने की शपथ दिलाई। जिला समन्वयक अमित कुमार ने कहा कि बाल विवाह बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और भविष्य पर गंभीर असर डालता है और खासकर बच्चियों के सपनों को अधूरा कर देता है। बाल विवाह एक सामाजिक बुराई और गैरकानूनी कृत्य है।संगठन ने जनसमुदाय को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों के बारे में भी जागरूक किया और उन्हें समझाया कि कानून के अनुसार बाल विवाह में किसी भी तरह से शामिल होने या सहायता करने वालों जिसमें शादी में आए मेहमान, कैटरर्स, टेंट वाले, बैंड वाले, सजावट वाले या बाल विवाह संपन्न कराने वाले पुरोहित, सभी को इस अपराध को बढ़ावा देने के जुर्म में सजा हो सकती है।कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई गई। इसमें कहा गया कि वे बाल विवाह को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे। इस अवसर पर अलका स्वामी, हेमन्त आच्गर्य, दलिप व संस्था टीम से बाबूलाल इनखिया, पिंकी जनागल, व ग्रामीण मौजूद रहे।
