*रसद विभाग की टीम ने किया घर-घर सर्वे, पात्रों को राहत, अपात्रों को ‘गिवअप’ का संदेश*

*छत्तरगढ़ की ग्राम पंचायत 1 केएम में दिनभर घर-घर जाकर किया सर्वे*

*पात्र पाए गए परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना में शीघ्र शामिल करने के निर्देश*

*घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू परिवारों को मौके पर खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा*

बीकानेर, 31 दिसंबर। रसद विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को जिला रसद अधिकारी श्री नरेश शर्मा के नेतृत्व में छत्तरगढ़ की ग्राम पंचायत 1 केएम में सुबह से शाम तक घर-घर जाकर खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत पात्र एवं अपात्र परिवारों का गहन सर्वे किया।

*पात्र पाए गए परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना में शीघ्र शामिल करने के निर्देश*
जिला रसद अधिकारी श्री शर्मा ने बताया कि सर्वे के दौरान प्रत्येक परिवार की आर्थिक स्थिति, राशन कार्ड विवरण, पारिवारिक सदस्यों की संख्या तथा योजना से संबंधित दस्तावेजों की मौके पर ही जांच की। पात्र पाए गए परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना में शीघ्र शामिल करने के निर्देश दिए गए, ताकि कोई भी जरूरतमंद परिवार लाभ से वंचित न रहे।

*अपात्र परिवारों को ‘गिवअप योजना’ के अंतर्गत स्वेच्छा से लाभ छोड़ने के लिए की समझाइश*
श्री शर्मा ने बताया कि अपात्र परिवारों को ‘गिवअप योजना’ के अंतर्गत स्वेच्छा से लाभ छोड़ने के लिए समझाइश की गई। श्री शर्मा ने बताया कि गिव अप करने से वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचता है और व्यवस्था अधिक न्यायसंगत बनती है। ग्रामीणों को गिव अप प्रक्रिया की सरलता और समय सीमा की भी जानकारी दी गई।

*राशन वितरण प्रणाली व शिकायत निवारण तंत्र की दी जानकारी*
श्री शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान प्रवर्तन अधिकारी श्री मुनेश कुमार मीणा भी उपस्थित रहे। उन्होंने राशन वितरण प्रणाली, पारदर्शिता तथा शिकायत निवारण तंत्र के संबंध में ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी दी और मौके पर ही उनकी शंकाओं का समाधान किया।

*घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू परिवारों को मौके पर खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा*
जिला रसद अधिकारी ने बताया कि सर्वे के दौरान घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू परिवार, जो पात्रता की श्रेणी में आते हैं, उनके प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें खाद्य सुरक्षा योजना में जोड़ने के लिए मौके पर ही आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कराई गई। साथ ही कहा कि सर्वे के निष्कर्षों के आधार पर पात्रता सूची को शीघ्र अद्यतन किया जाएगा, ताकि खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ सही और जरूरतमंद हाथों तक पहुंच सके।

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