बीकानेर।केंद्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत का बीकानेर स्थित सर्किट हाउस में भाजपा पदाधिकारियों व नेताओं ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में शेखावत के बयान पूरी तरह पश्चिम बंगाल चुनाव के इर्द-गिर्द घूमते नजर आए, जहां बाबरी मस्जिद, आस्था और तुष्टिकरण का मुद्दा केंद्र में रहा।
शेखावत ने तृणमूल से निष्कासित नेता हुमायूं कबीर द्वारा बाबरी मस्जिद पुनर्निर्माण को लेकर चंदे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले माहौल भड़काने की कोशिश है। उन्होंने दो टूक कहा कि भारत में गुलामी के कालखंड में जो कुछ हुआ था, वह अब दोबारा नहीं दोहराया जाएगा। सनातन धर्म के पालन करने वालों की आस्था पर चोट करने की किसी भी कोशिश को देश की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।उन्होंने कहा कि भारत अब बदल चुका है और बाबरी विवाद को फिर से खड़ा करना राजनीतिक तुष्टिकरण की मानसिकता को उजागर करता है। शेखावत ने पश्चिम बंगाल की स्थिति को लेकर ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में माफिया, घुसपैठियों और मजहबी ताकतों को संरक्षण देकर भय का माहौल बनाया गया है।आगामी बंगाल चुनावों की ओर संकेत करते हुए शेखावत ने दावा किया कि बंगाल की जनता सब देख रही है और इस बार बदलाव तय है। उन्होंने कहा, अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा और बंगाल में भी कमल खिलेगा।इस दौरान शेखावत ने कांग्रेस नेतृत्व पर भी तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी का आचरण गैर-जिम्मेदाराना है, यही कारण है कि अब उनकी अपनी पार्टी भी उन्हें गंभीरता से नहीं लेती।
मनरेगा का नाम बदलने को लेकर सोनिया गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शेखावत ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मनरेगा 20 साल पहले शुरू हुई थी और बीते दो दशकों में देश की परिस्थितियां बदल चुकी हैं, ऐसे में योजनाओं में समयानुसार बदलाव जरूरी है।शेखावत ने आरोप लगाया कि मनरेगा में भारी भ्रष्टाचार हुआ है, जिसे कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के विधायक और सांसद भी स्वीकार कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि योजना के तहत नॉन-प्रोडक्टिव कामों पर टैक्सपेयर का हजारों करोड़ रुपये सालों तक भ्रष्टाचार का खेल खेला गया। ऐसी योजना को अपनी बपौती मानकर टिप्पणी करना उचित नहीं उन्होंने कहा।सर्किट हाउस से दिए गए इन बयानों ने साफ संकेत दे दिया है कि बंगाल चुनाव की बिसात बिछ चुकी है। बाबरी मस्जिद पुनर्निर्माण, आस्था और घुसपैठ के मुद्दों को केंद्र में रखकर भाजपा जहां तुष्टिकरण बनाम राष्ट्रवाद की सियासी लकीर खींच रही है, वहीं ममता सरकार के लिए यह बयान आगामी चुनावी चुनौती का संकेत माना जा रहा है।
बाइट गजेन्द्र सिंह शेखावत, केन्द्रीय मंत्री।
