अरावली बचाओ विरोध प्रदर्शन –
ग्रामीण डेवलपमेंट वेलफेयर सोसायटी, बीकानेर के तत्वाधान में दिनांक 26/12/25 को शहीद स्मारक से पैदल चलकर ‘अरावली काटने पर विरोध प्रदर्शन’ किया गया।
मुख्य चिंताएँ और तथ्य:
100 मीटर से कम ऊँचाई वाली पहाड़ियों को संरक्षण की सूची से बाहर रखा जा सकता है तथा उन्हें काटा जा सकता है।
सुनने में यह सामान्य लग सकता है, लेकिन तथ्य यह है कि अरावली की 93% पहाड़ियाँ 100 मीटर से कम ऊँची हैं। * इसका अर्थ है दुनिया की सबसे पुरानी पर्वतमालाओं में से एक (ढाई करोड़ साल पुरानी) का “वैध” विनाश।
प्रभाव:
जब हम अरावली को काटेंगे तो हम केवल पत्थर नहीं तोड़ रहे होंगे, बल्कि हम उत्तर भारत की ‘सुरक्षा दीवार’ को गिरा रहे होंगे। इसका परिणाम संपूर्ण प्रकृति और आमजन के लिए विनाशकारी होगा।
प्रदर्शन में शामिल सदस्य:
इसमें ग्रामीण डेवलपमेंट वेलफेयर सोसायटी के सचिव मनोज गहलोत, हिमांशु गहलोत, हाजी मकसूद अहमद, सरदार अमरीक सिंह जी, दूलाराम मेघवाल, जाकिर नागौरी, हरिप्रकाश जी वाल्मीकि, एम. एच. पप्पू, गोपाल सेवक, धनपत श्रीमाली, श्याम थानवी, कमल साध, चंद्र सेवक, अक्षय व्यास, प्रशांत मारू, खुशी गहलोत, राम चौहान, करण गहलोत, झंवर सेवक आदि शामिल थे।
