बीकानेर
दिल्ली में फैले प्रदूषण को लेकर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने बड़ा बयान दिया है। मंत्री मेघवाल ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकसभा में हमने चर्चा करने के लिए लिस्टेड किया था लेकिन अखिलेश यादव ने इतना हंगामा किया कि चर्चा नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव इतने चिंतित है तो उनको लोकसभा में चर्चा करनी चाहिए थी जिससे उनका पक्ष और सरकार क्या प्रयास कर रही है वो पक्ष सामने आता लेकिन अब उस मुद्दे पर अखिलेश यादव सिर्फ राजनीति कर रहे है। राहुल गांधी तो कोई चर्चा करना ही कही चाहते इसके चलते संसद स्थगित हुई।
वही अरावली पर्वत के मुद्दे को लेकर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने अशोक गहलोत से जवाब मांगा। मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने गहलोत से पूछा कि जब राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार थी यह उसी समय का प्रस्ताव था उस प्रस्ताव को क्यों नहीं देखा। लेकिन अब केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सब कुछ साफ बता दिया है। खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया अब अब कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। मंत्री मेघवाल ने कहा कि अरावली की रक्षा करना हम सबका दायित्व है। कुछ लोग अरावली को लेकर भ्रम फैला रहे है। मंत्री अर्जुनराम ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी अपना एजेंडा सेट कर लोगों में भ्रम फैलाती है। कांग्रेस पार्टी ने वर्ष 2024 में खूब भ्रम फैलाया था कि संविधान खतरे में है, संविधान बदल देगे, आरक्षण खतरे में है क्या कुछ हुआ क्या ??
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कानून में बदलाव को लेकर कहा कि जब 2014 में केंद्र में मोदी जी की सरकार आई थी तब हर सेक्टर में सुधार किया। इसमें भी कानून के बदलाव को लेकर एक एजेंडा था। जिसमें पुराने कानून जिसमें प्रासंगिकता नहीं है ऐसे क़ानून हटने चाहिए, रद्द होने चाहिए या आवश्यकता अनुसार उसमें संशोधन होने चाहिए। जिसमें करीब 1562 कानून समाप्त किए। इसके अलावा इस शीतकालीन संसद सत्र में एक बिल लाए द रिफिलिंग अमेमडेंट बिल उसमें भी करीब 71 ऐसे कानून थे जो हटाए और संशोधन किए। उसने भी एक कानून था जो प्रभाव डाल रहा है section 1925. मेघवाल ने कहा कि 1925 में एक ऐसा कानून बना जिसमें मद्रास, मुंबई और कलकत्ता प्रेजीडेंसी के हाईकोर्ट की सीमा में रहने वाले हिंदी सिख बौद्ध जैन पारसी धर्म के लोग कोई जमीन खरीदेगे या विल करेंगे तो उनको प्रोबेट करवाना होगा लेकिन मुस्लिम समुदाय के लिए यह नियम कानून लागू नहीं था। यह एक विवैध भरा कानून था। संविधान लागू होने के बाद हम धर्म जाति में भेदभाव नहीं करते है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सोचा कि ऐसे कानून को रद्द करना चाहिए।
वही मनरेगा के सवाल पर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि कोई भी कानून या बिल या योजन उसमें बदलाव करने के लिए डिमांड आती रहती है। मेघवाल ने कहा कि जब शरद पंवार कृषि मंत्री थे तब भी उन्होंने ये पक्ष रखा है कि संशोधन होना चाहिए तब कांग्रेस क्यों नहीं बोली। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना को लागू होकर कई वर्ष हो गए। अब टेक्नोलॉजी में बदलाव आ गया, पानी को लेकर काम करना था अगर जी राम जी में से गांव में पानी निकासी की समस्या का समाधान हो जायेगा तो कांग्रेस को क्या दिक्कत है। मनरेगा योजना में बदलाव से गांव में विकास बढ़ेगा, विकसित होगा, भ्रष्टाचार खत्म होगा साथ ही किसानों को खेती के लिए मजदूर नहीं मिलने की समस्या था वो भी खत्म होगी। इसमें 125 दिन लोगो को रोजगार मिलेगा। वही मनरेगा नाम बदलने के सवाल पर मंत्री मेघवाल ने कहा कि गांधी जी तो रघुपति राघव भजन भी गाते थे। राम तो गांधी के दर्शन में है इस नाम से उनको कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
बाइट – अर्जुनराम मेघवाल, केंद्रीय कानून मंत्री, भारत सरकार
