बीकानेर में आज से इंटरनेशनल कैमल फेस्टिवल की रंगारंग शुरुआत हो गई। राजस्थानी लोक संस्कृति की पहचान मानी जाने वाली मांड गायिका अल्लाई जिलाई बाई की अमर धुन केसरिया बालम पधारो म्हारे देश के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिससे पूरा माहौल राजस्थानी रंग में रंग गया।
उद्घाटन समारोह में विशेष आकर्षण उस कलाकार का रहा, जो 22 किलो वजनी और करीब 2025 फीट लंबी पगड़ी पहनकर मंच पर पहुंचा। गौरतलब है कि इसी पगड़ी को पिछले वर्ष ऊंट उत्सव के दौरान महज 22 मिनट में बांधकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था, जो इस बार भी दर्शकों के लिए कौतूहल का केंद्र बना रहा।उत्सव के पहले दिन की शुरुआत हेरिटेज वॉक से हुई। लक्ष्मीनाथ मंदिर से शुरू हुई यह वाक शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई रामपुरिया बिल्डिंग पर समाप्त हुई।पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों के बीच लोक कलाकार, दाढ़ी-मूंछों वाले रौबीले प्रतिभागी और बड़ी संख्या में लोग इस चार किलोमीटर लंबी हेरिटेज वॉक में शामिल हुए। वॉक में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने भी भाग लिया। उनके साथ विधायक जेठानंद व्यास और जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि मौजूद रहीं।
हेरिटेज वॉक ने बीकानेर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इंटरनेशनल कैमल फेस्टिवल के आगामी दिनों में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, ऊंटों से जुड़े आकर्षक आयोजन और लोक कला के रंग देखने को मिलेंगे।
बाइट

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